मवाना (मेरठ)। डीआइजी कलानिधि नैथानी को महिला सशक्तीकरण, सर्किल के थानों के अपराध रजिस्टर नंबर-4 की जांच में कई गंभीर खामियां मिलीं। उन्होंने देसी शराब के मामलों में मार्का तक का नाम न बता पाने पर मवाना थाना प्रभारी पूनम जादौन व फलावदा थाना प्रभारी ब्रहम कुमार त्रिपाठी को कड़ी फटकार लगाई। डीआइजी ने कहा कि जब मार्का का ही ज्ञान नहीं है तो असली-नकली की पहचान कैसे होगी।
डीआइजी ने संबंधित थानों के रिकार्ड को तहसील में ही तलब किया, जिसमें जांच में खामियां मिलने पर नाराजगी जताई। महिला हेल्पलाइन व मिशन शक्ति केंद्र में आई शिकायतों की एंट्री न होने पर भी डीआइजी ने नाराजगी जताई गई। मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी मवाना को शिकायतों को गंभीरता से लेने की चेतावनी दी गई। उन्होंने 44 दिन में आई 22 शिकायतों पर कार्रवाई न होने पर सीओ को अगली सुबह तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने 112 काल, घरेलू विवाद व एफआइआर की मानीटरिंग के आदेश भी दिए। डायल 112 पर आई काल की संख्या व निस्तारण की जानकारी मांगी गई। घरेलू विवाद से जुड़ी हर शिकायत की अनिवार्य एंट्री दर्ज करने के निर्देश दिए गए। एफआइआर संख्या 3/26 में सीसीटीवी फुटेज होने के बावजूद आरोपियों की पहचान से इन्कार करने पर दारोगा की भूमिका पर सवाल उठाए गए और सीओ को सख्त मानीटरिंग के निर्देश दिए गए।
लापरवाही पाए जाने पर रेंज कार्यालय को रिपोर्ट भेजने की चेतावनी दी गई। उधर, तेलियों वाला कुआं क्षेत्र से 16 वर्षीय किशोर के लापता होने पर गुमशुदगी दर्ज न करने व परिजनों से अभद्रता करने पर चौकी इंचार्ज दारोगा मनोज शर्मा को मौके पर तलब किया गया। एक सप्ताह में किशोर बरामद न होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।












