वेनेजुएला में अमेरिकी हमले में कम से कम 40 लोगों की मौत

2026_1image_06_16_54972589800-ll

इंटरनेशनल डेस्कः अमेरिका की ओर से शनिवार को वेनेजुएला में की गई सैन्य कार्रवाई में कम से कम 40 लोगों की मौत होने की खबर है। मरने वालों में आम नागरिक और सैनिक दोनों शामिल बताए जा रहे हैं। इसी सैन्य अभियान के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया गया।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ऑपरेशन में 150 से ज्यादा अमेरिकी सैन्य विमान और विशेष प्रशिक्षित जमीनी सैनिकों (एलीट ग्राउंड ट्रूप्स) ने हिस्सा लिया। हालांकि, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में मारे गए लोगों की संख्या को लेकर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।

न्यूयॉर्क टाइम्स का दावा

न्यूयॉर्क टाइम्स से बात करते हुए वेनेजुएला सरकार के एक अधिकारी ने, नाम गोपनीय रखने की शर्त पर, बताया कि “इस हमले में कम से कम 40 लोगों की जान गई है, जिनमें नागरिक और सैनिक दोनों शामिल हैं।”

दुनियाभर में अमेरिका की कार्रवाई की निंदा

अमेरिका की इस कार्रवाई की दुनिया के कई देशों ने कड़ी निंदा की है। रूस, चीन, ईरान और कोलंबिया ने एक सुर में निकोलस मादुरो की तुरंत रिहाई की मांग की है। संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने भी इस ऑपरेशन पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह कार्रवाई एक खतरनाक मिसाल बन सकती है और संभव है कि इसने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया हो।

अमेरिका ने दी सफाई

वहीं अमेरिका ने अपने कदम का बचाव करते हुए कहा कि इससे पहले भी 1989 में अमेरिका ने पनामा पर हमला कर तानाशाह मैनुअल नोरिएगा को गिरफ्तार किया था, जब राष्ट्रपति जॉर्ज बुश सीनियर सत्ता में थे। अमेरिका ने इसी घटना को मिसाल के तौर पर पेश किया है।

वैश्विक नेताओं की चेतावनी

कई विश्व नेताओं ने कहा है कि अमेरिका की यह कार्रवाई दुनिया को एक ऐसे मोड़ पर ले आई है, जहां अब इसके गंभीर नतीजों के लिए तैयार रहना जरूरी हो गया है।

‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’

इस अमेरिकी सैन्य अभियान का नाम ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ (Operation Absolute Resolve) बताया गया है। यह ऑपरेशन शनिवार तड़के शुरू हुआ। राजधानी कराकास और देश के कई अन्य हिस्सों में विस्फोट और गोलीबारी की खबरें आईं। इस हमले में हवाई हमले (एयरस्ट्राइक) और जमीनी सैन्य कार्रवाई दोनों शामिल थीं। अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें फोर्ट टियूना (Fort Tiuna) सैन्य परिसर और ला कार्लोटा एयर बेस शामिल हैं।

मादुरो पर क्या आरोप?

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि मादुरो पर अमेरिका में पहले से ही नार्को-टेररिज्म (ड्रग तस्करी और आतंक से जुड़े अपराध) के आरोप लगे हुए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने मादुरो को अवैध राष्ट्रपति और अमेरिकी न्याय से भागा हुआ अपराधी बताया। अमेरिका का आरोप है कि मादुरो ने वेनेजुएला को एक नार्को-स्टेट (ड्रग्स चलाने वाला देश) बना दिया है।

अमेरिका में चलेगा मादुरो पर मुकदमा

अमेरिकी सेना द्वारा पकड़े जाने के बाद, अब निकोलस मादुरो पर अमेरिका में ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों में मुकदमा चलाए जाने की उम्मीद है।

वेनेजुएला में आपातकाल, विरोध का ऐलान

वेनेजुएला सरकार ने देश में राष्ट्रीय आपातकाल (State of Emergency) घोषित कर दिया है। देश की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका के खिलाफ कड़ा प्रतिरोध करने का ऐलान किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें